मछुआरों के हाथ लगा काला सोना, तैरती मिली व्हेल की उल्टी और बन गये करोड़पति

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हमने अक्सर लोगों को यह कहते हुए सुना है कि अगर उपरवाला चाहे तो आपकी किस्मत रातों-रात बदल सकता है। सिर्फ सुना था, लेकिन आज देख भी लिया। जी हां, आज हम आपको एक ऐसी घटना बताने जा रहे हैं, जिससे कुछ मछुआरों की किस्मत रातों-रात पलट गई। चलिए जानते हैं कि आखिर मछुआरों के हाथों ऐसा क्या लगा जिसकी वजह से उनकी किस्मत रातों-रात पलट गई?

हम बात कर रहे हैं, यमन के मछुआरों की जिनके जीविकोपार्जन का एकमात्र साधन है मछली पकड़ना। आपको बता दें कि यमन एक युद्ध ग्रस्त देश है, जिसकी वजह से उसकी स्थिति अच्छी नहीं है। यह घटना फरवरी महीने की है, जब यमिनी मछुआरे फारेस अब्दुलहकीम अपने कुछ मछुआरों दोस्तों के साथ मछली पकड़ने समुद्र की ओर निकले थे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि आज उनके साथ एक ऐसी घटना घटेगी, जो उनकी और उनके दोस्तों की किस्मत पलट कर रख देगी। आपको बता दें कि उनके हाथ समुंद्र का “काला सोना” लगने वाला था। जी हां, सुनने में थोड़ा अजीब है। काला सोना यह क्या चीज है? एम्बरग्रीस के होते हैं कई इस्तेमाल

अब्दुलहकीम ने बताया कि जब वह अदन के दक्षिणी शहर की तट से आगे बढे़ तो तकरीबन उन्हें 26 किलोमीटर दूर एक व्हेल तैरती हुई नजर आई जो मर चुकी थी। अब्दुलहकीम और उनके दोस्त व्हेल को खींचकर नदी के किनारे ले आए और उसका पेट फाड़ा तब उन्हें उसमें से तैरता हुआ सोना (काला सोना) यानि एम्बरग्रीस (व्हेल की उल्टी) मिला। व्हेल के पाचन तंत्र में बनने वाला एक दुर्लभ पदार्थ जिसका उपयोग इत्र बनाने में किया जाता है। जो तकरीबन 127 किलोग्राम था, जिसकी कुल कीमत 11 करोड़ से अधिक है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार दुनिया के किसी भी गरीब देश के लिए यह एक अकल्पनीय राशि है। इस राशि का कुछ हिस्सा गरीबों की मदद के लिए दान में दे दिया गया और बाकी हिस्सा मछुआरों ने आपस में बांट लिया।

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