सोशल मीडिया पर वर्दी में फोटो डालकर लड़कियों को लुभाने की कोशिश कर रहा था … ISI बन करने लगा जासूसी…. अब जेल में बिता रहा जिंदगी

इंटरनेट आज सभी को अपनी ओर आकर्षित किया है। कुछ तो इससे सीख कर कुछ लाभ कमा रहे हैं या इसे अपने आमदनी का जरिया बनाते है तो कुछ लोगों के लिए यह टाइमपास है। उससे वह कुछ न कुछ खुराफात सीखते रहते हैं उनके लिए इंटरनेट में कोई भी चीज उनके काम के नहीं मिलती। वह टाइम पास करने के लिए कुछ ना कुछ फालतू चीज ही देखते रहते हैं। इंटरनेट के जरिए आप बहुत सारी समस्याओं में भी फंस जाते हैं। फेक प्रोफाइल्स आपत्तिजनक वीडियो आपत्तिजनक तस्वीरें जो आप को नहीं देखनी चाहिए, लेकिन सोशल मीडिया पर यह सब बड़ी ही आसानी से देखने को मिल जाता है। कुछ लोग तो जानबूझकर ही फेक प्रोफाइल या अकाउंट बनाकर लोगों को भ्रमित करते हैं।

भारतीय आईएसआई का जासूस
राजस्थान के जितेंद्र सिंह भी आईएसआई के चंगुल में फंस गए हैं। सोशल मीडिया पर महिलाओं को लुभाने के लिए यह सेना की वर्दी में तस्वीर डाल दी थी। एक महिला ने जितेंद्र की प्रोफाइल देखी और उसे लगा कि यह सच में भारतीय सेना का हिस्सा है। इसके पास जितेंद्र के साथ जो हुआ उसके विषय में उन्होंने सोचा भी नहीं होगा।

हनी ट्रैप आईएसआई ने किया
पुलिस और सेना के अधिकारियों का कहना है कि फेसबुक के जरिए एक महिला पूजा ने जितेंद्र से संपर्क किया। जितेंद्र को बताया कि वह हिमाचल प्रदेश से हैं।

भारत से अहम जानकारी भेजने के लिए मिले पैसे
मिलिट्री इंटेलिजेंस के अनुसार जितेंद्र को वर्दी में कहां कौन सी Insignia लगनी है उसे पता था। जिसकी वजह से भारतीय सेना भी उसे अफसर समझ लिया। जितेंद्र बाड़मेर में आर्मी ट्रेक्स के मूवमेंट्स के बारे में पोखरण में गार्ड्स की पोस्टिंग लोगे वाला देश की तस्वीर ली और पाकिस्तान भेजी। अधिकारियों का यह भी कहना है कि जितेंद्र ने दिल्ली समेत कई शहरों के सेंसिटिव लोकेशन की तस्वीरें पड़ोसी देश को भेजें।

मिलिट्री इंटेलिजेंट की नजर पड़ी
भारतीय मिलिट्री इंटेलिजेंट की नजर जुलाई में आईएसआई के कई जासूसी नेटवर्क पर पड़ी और उन्होंने इसका भंडाफोड़ किया। जिसमें जितेंद्र के विषय में भी पता चला लुधियाना का एक जासूस को आम जानकारी भेज रहा था। मिलिट्री वालों ने कर्नाटक पुलिस सिटी क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट ऑपरेशन के बाद सितंबर में बेंगलुरु से जितेंद्र को गिरफ्तार किया।

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