आतिफ असलम ने कहा संगीत जगत को अलविदा, जानिए क्या है वजह

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भारतीय संगीत जगत की दुनिया में बेशुमार शोहरत और प्रशंसा कमाने वाले आतिफ असलम अब संगीत जगत को अलविदा कहने जा रहे हैं। उनका यह फैसला उनके फैंस के लिए निराशा की बात है।

आतिफ के इस फैसले ने उनके फैंस के दिलों को तोड़ दिया है। आतिफ ने भारतीय संगीत जगत में अपनी एक अलग ही पहचान बना रखी थी। उनके गाने हर वर्ग के लोग पसंद किया करते थे। वो कहते हैं ना कि अगर कोई बात सच्चे दिल से कही जाए तो सामने वाले के दिल तक जरूर पहुंचती है। ऐसे ही थे आतिफ के गाने जो प्रशंसकों के दिल को छू जाते थे। आतिफ का यह फैसला, उनके प्रशंसकों के लिए बड़ी दुख की बात है क्योंकि अब वह आतिफ के नए गाने नहीं सुन पाएंगे।

आइए जानते हैं कि आखिर आतिफ ने क्यों लिया संगीत जगत को छोड़ने का फैसला?

सूत्रों की माने तो भारत में जब से पाकिस्तानी कलाकारों के कार्य करने पर रोक लगाया गया है, तब से आतिफ असलम को भारतीय सिनेमा जगत में काम मिलना बंद हो गया है। आपको बता दें कि आतिफ अपना पूरा ध्यान अपने संगीत में देते थे। जिसकी वजह से उनका पूरा परिवार उनके कला पर ही निर्भर था। भारत में बैन लगने के बाद आतिफ ने पाकिस्तानी सिनेमा जगत में भी अपनी कला का प्रदर्शन करना चाहा लेकिन उन्हें वहां सफलता हासिल नहीं हूं, इसलिए अब आतिफ असलम संगीत जगत की दुनिया को अलविदा कहने जा रहे हैं।

संगीत जगत की दुनिया को छोड़ने के बाद आतिफ असलम ने जो रास्ता चुना है, उसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। आतिफ अब मौलाना बनने जा रहे है। जी हां, आपने सही सुना जिस तरह कई मुस्लिम सितारों ने भारतीय सिनेमा जगत में काम ना मिलने की वजह से अपने इस्लामिक धर्म पर चलने का फैसला किया है (कश्मीर की रहने वाली बॉलीवुड एक्ट्रेस जायरा वसीम और बिग बॉस फेम सना खान व अन्य) ठीक उसी प्रकार आतिफ असलम ने भी अपने इस्लामिक धर्म को और बारीकी से जानने के लिए अपना रुझान प्रकट किया है।

जैसे ही यह बात बाहर आई, वैसे ही लोगों ने इसपर अपनी टिप्पणी देना शुरू कर दिया। बेफिजूल बातों को सुनकर आतिफ असलम ने इस मुद्दे पर मीडिया में अपना बयान देते हुए कहा है कि “मैं अब अपने धर्म पर फोकस करना चाहता हूं। मैं अब अपने धर्म के जरूरी बारीकियों पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहता हूं, मैं अल्लाह के 99 नाम और ताजदार-ए-हरम जैसे बिंदुओं पर फोकस करना चाहता हूं, मुझे इस बात की खुशी है कि युवा पीढ़ी को मेरी गायिकी पंसद है और मुझे ये भी बात आकर्षित करती है कि युवागण आध्यात्म को भी मानते हैं, मैं अभी भी यही कह रहा कि मैं संगीत को पूरी तरह नहीं छोड़ रहा हूं।”

आतिफ असलम के इस बयान ने यह तो साबित कर दिया कि वह अब इस्लामिक धर्म को बारीकी से जाने के लिए इच्छुक है। लेकिन हमें फिर भी उनके द्वारा गाए हुए नए गानों का इंतजार हमेशा रहेगा।

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