DRDO द्वारा तैयार किया गया रेडिमेड ब्रिज – सेना के लिए अब छोटी नदियों और नहरों को पार करना हुआ और भी आसान,

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सेना के जवान कई ऐसी विसम परिस्थिती से गुजरते है, जहा पर कई छोटी और बड़ी नदिया आती है।  जिन्हे पार करने में सेना को काफी मशक्कत करना पड़ती है और कही पहुंचने में समय भी ज्यादा लगता है। लेकिन अब सेनिको के लिए DRDO द्वारा तैयार किया गया रेडिमेड ब्रिज इसमें काफी मदद करेगा।

आइये जानते है इन रेडीमेड ब्रिज के के बारे में। 

DRDO के पास सैन्य ब्रिजिंग सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण लड़ाकू इंजीनियरिंग सिस्टम विकसित करने का व्यापक अनुभव है। उनके द्वारा देना के लिए दुर्गम स्थानों में जाने के लिए रेडीमेड ब्रिज का निर्माण किया गया है। इसमें सेना के लिए मशीनीकृत उपकरणों को तैयार किया गया है। जिसमे सिंगल स्पैन 5 मीटर और 10 मीटर, शॉर्ट स्पैन ब्रिजिंग सिस्टम, 46 मीटर मॉड्यूलर ब्रिज, 20 मीटर बीएलटी-टी 72 और मल्टी स्पैन 75 मीटर सर्वत्र ब्रिजिंग सिस्टम आदि है। इसमें खास तोर पर बनाया गया मैन्युअल 34.5 मीटर माउंटेन फुट ब्रिज पहले विकसित किया गया था। इन सभी ब्रिज को भारतीय सेना द्वारा इस्तेमाल करने के लिए इनके खेमे में शामिल कर लिया गया है।

प्रोजेक्ट शॉर्ट स्पैन ब्रिजिंग सिस्टम

DRDO द्वारा विकसित इन प्रोजेक्ट को शॉर्ट स्पैन ब्रिजिंग सिस्टम नाम दिया गया है। जिसमे टाट्रा 6×6 चेसिस पर 5 मीटर एसएसबीएस के दो प्रोटोटाइप और टाट्रा 8×8 री-इंजीनियर्ड चेसिस पर 10 मीटर एसएसबीएस के अन्य दो प्रोटोटाइप का विकास शामिल है। इन प्रणालियों का उपयोग अब सेना द्वारा दुर्गम स्थानों में नाड्यो को पार कने के लिए किया जायेगा। सभी ब्रिज को परीक्षणों के सफल समापन के बाद, सेवाओं में शामिल करने के लिए सिस्टम की सिफारिश की गई थी। इन ब्रिज की लम्बाई 75 मीटर है। तैनात पुल एमएलसी 70 के भार वर्गीकरण का है। इस प्रणाली के माध्यम से सैनिक गतिशीलता को बढ़ाया जा सकेगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई

इस तरह के ब्रिज निर्माण के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ, भारतीय सेना और उद्योग जगत को बधाई दी है। उन्होंने इसके लिए कहा है की, तेजी से बढ़ते भारतीय रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को इससे बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह सेनिको को एक जगह से दूसरी जगह पर पहुंचने में मदद करेगा। उद्योग को ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में योगदान करने के लिए सभी को बधाईया।

इसके साथ ही डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ जी सतीश रेड्डी ने भी इस  ब्रिजिंग सिस्टम के सफल विकास और भारतीय सेना में इनका इस्तेमाल कररने के लिए DRDO में शामिल सभी सदस्यों को बधाई दी।

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