कार चला रहीं 90 साल की दादी अम्मा से सीखिए जिंदगी के ये तीन सबक

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‘जिनके सिर पर बुजुर्गों का हाथ होता है, वो बहुत किस्मत वाले होते हैं’. जैसी बातें कहने वाला समाज कहीं न कहीं बुजुर्गों पर एक किरदार में बांधने को तैयार दिखता है. सरकार की सोच को समाज ने अपनी सोच बना लिया है कि 60 साल तक कि उम्र में आदमी रिटायर्ड हो जाता है बस यही धारणा लोगों में भी आ गयी है कि आम ज़िन्दगी में भी आदमी को 60 वर्ष में ही रिटायरमेंट ले लेना चाहिए या वो रिटायर्ड हो गए, समाज ये नहीं सोचता है कि बुजुर्ग भी इंसान ही होते हैं और वो भी अपनी जिंदगी को अपने हिसाब से जीना चाहते हैं. हालांकि, बुजुर्ग कई बार साबित कर चुके हैं कि ‘Age is just a number’.

भारत में सामान्य तौर पर रिटायरमेंट की उम्र सीमा 60 साल कही जाती है. ये कोई घोषित आंकड़ा नहीं है, क्योंकि सरकारी या निजी संस्थाओं में काम करने वाले इस उम्र के लोगों की रिटायरमेंट एज में काफी अंतर होता है. आसान शब्दों में कहें, तो 60 की उम्र पार करने के बाद भारत में लोगों को बुजर्ग की कैटेगरी में डाल दिया जाता है. उनसे अपेक्षा की जाती है कि अब वह आराम करें और अपना बचा हुआ समय भगवान के भजन-कीर्तन में लगाएं. अगर यही उन पर जबर्दस्ती लागू कर दिया जाता है उनसे इस उम्र में उनका मालिकाना हक छीन लिया जाता है तो उनकी इच्छाए खत्म जीने का जज़्बा खत्म वो जोश खत्म और अगर प्यार से रहे तो 90 की उम्र भी उनके लिए कुछ नहीं है.

हालांकि, बुजुर्ग कई बार ये बात साबित कर चुके हैं कि ‘Age is just a number’. दरअसल, इन दिनों सोशल मीडिया पर एक 90 साल की दादी अम्मा का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें वो कार से फर्राटा भरती नजर आ रही हैं. एक मंझे हुए ड्राइवर की तरह कार चलातीं 90 वर्षीय दादी की खुशी देखते बनती है.

मध्य प्रदेश के देवास जिले में स्थित बिलावली इलाके की रहने वाली 90 वर्षीय दादी का नाम रेशम बाई तंवर है. आमतौर पर इस उम्र में बुजुर्गों की आंखों पर मोटा सा चश्मा चढ़ जाता है. या वो बिस्तर पर होते हैं और उन्हें खाना पीना कोई और कराता है लेकिन, वीडियो में 90 साल की ये दादी अम्मा बिना चश्मे के एक ड्राइविंग एक्सपर्ट की तरह बेधड़क होकर कार चला रही हैं. उनके इस वीडियो को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ट्वीट किया है. न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में 90 साल की दादी रेशम बाई तंवर ने कहा कि मुझे गाड़ी चलाना बहुत अच्छा लगता है. पहले भी कई बार गाड़ी और ट्रैक्टर चला चुकी हूं.

शल मीडिया पर दादी रेशम बाई तंवर का मुस्कुराते हुए कार चलाने का अंदाज देखकर हर कोई इनका फैन हो गया है. दादी को देखकर हर कोई इनके जज्बे को सलाम कर रहा है. ‘सीखने और जीवन जीने की कोई उम्र नहीं होती’ जैसी कहावत से लबरेज़ लोगों को दादी से जिंदगी जीने के ये तीन फॉर्मूले जरूर सीखने चाहिए.

अपनी इच्छाओं को खत्म न होने दें
बढ़ती उम्र के साथ साथ आपकी जो इच्छा हो वो करें जो मन करे वो करें अपनी इच्छाओं को कभी मरने न दें जैसे दादी को देख लीजिए इतनी उम्र में लोग बिस्तर पर पड़े होते हैं कुछ के तो हालात गंभीर भी होते हैं लेकिन दादी का जोश उन्हें सब कुछ करने दे रहा है, अगर इच्छाओं को आप मरने न दें तो आप किसी भी उम्र में कुछ भी कर सकते हैं दादी को देख के ये कहना बहुत आसान है.

आत्मविश्वास को कमजोर न पड़ने दें
इस उम्र तक आते आते आमतौर पर लोगों में कमी आने लगती है आत्मविश्वास कम होने लगता है लेकिन दादी जिस तरह कार में फर्राटे भर रही हैं इनका ये जज़्बा 90 की उम्र में ये दर्शाता है कि “Age Is Just A Number” आप किसी भी उम्र में कुछ भी कर सकते हैं उम्र के हाथों आप कभी भी बाध्य नहीं हैं.

जीने का जज्बा बनाए रखें
इस उम्र में आते आते अक्सर लोगों के जीने का जज़्बा खत्म होने लगता है या हो भी जाता है लेकिन ऐसा तब होता है जब परिवार का साथ न मिलता हो अगर परिवार संग होता है आपसी प्यार मोहब्बत बनी रहती है तो इस उम्र में भी वही जवानी वाला जज़्बा रहता है मतलब ये हुआ कि “प्यार आपकी उम्र भी बढ़ा देता है”

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